दिन की बीमारी के लिए आयुर्वेदिक इलाज
आज के समय में दिन की बीमारी एक आम समस्या बन एक् है। गलत निर्भरता , तनाव , सहभागी काम , कम नींद , धूम्रपान / शराब और प्रति हुआ अन्य - ये सभी कारण हृदय पर भारी दबाव -- हैं। ऐसे में लोग सुरक्षित , प्राकृतिक और लम्बा समय तक लाभ देने वाले उपाय खोजते हैं। आयुर्वेद में दिन की बीमारी को हृद रोग कहा गया है , और आयुर्वेद ऐसे एक ► -------------------- का ध्यान दें करता है जो हृदय को मजबूती , साफ और उत्तर रखने में मदद करता है हैं।
इनमें सबसे महत्वपूर्ण नाम है - अर जूना (अर्जुन) और अश्वगंधा (अश्वगंधा) । भारत ग्राम उद्योग संघ ने इन दोनों बहु ► -------------------- को कुल मिलाकर अर्जुन अश्वगंधा जूस तैयार किया है , जो हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी माना ऋतु है।
दिन की बीमारी क्योंकि होता है है ?
आइए समझ हैं क्योंकि दिन की बीमारी के मुख्य कारण क्या हैं :
रक्त में खराब 4 फिर
धमनियां में प्लाक जमना
रक्त आख़िर का द
अधिक तनाव और चिंता
मोटापा और अन जीवन शैली
मधुमेह (Diabetes)
खराब पाचन और मेटाबोलिज़्म
जब धमनियाँ (धमनियाँ) संकरी होने लगती हैं , तो दिन को रक्त पंप करने में परेशानी होता है है और दिल हमला का हमलावर बढ़ ऋतु है। आयुर्वेद लेख है क्योंकि सही भोजन - बूटियाँ , भोजन और ऍफ़ हृदय को पुनः मजबूत कर हो सकती हैं।
दिन की बीमारी का आयुर्वेदिक इलाज
1 . छुपा — हृदय का सबसे बड़ा स्लेवर
आयुर्वेद में अर्जुन को हृदय का संरक्षक (हृदय रक्षक) कहा गया गया है।
यह धमनियां को साफ करता है
रक्त आख़िर को उत्तर इस्ति है
4 कम करने में सहायक है
हृदय की खण्ड को मजबूत संस्थाएँ है
अर्जुन का नियमित सेवन दिल हमला के ₹ को भी कम कर हो सकता है है।
2. अश्वगन्धा - तनाव कम , दिल मजबूत
आज दिन की बीमारी का सबसे बड़ा कारण है मानसिक तनाव। अश्वगंधा एक बहु एडेप्टोजेन (Adaptogen) है , जो
तनाव और चिंता को कम करता है
नींद में सुधार एटेलेट्रो है
समय कम करता है
दिन पर निरीक्षण वाले मानसिक उतर को कम करता है
भारत ग्राम उद्योग संघ का अर्जुन अश्वगंधा जूस कैसे मदद करता है ?
भारत ग्राम उद्योग संघ ने आयुर्वेदिक ज्ञान और आधुनिक स्वास्थ्य महिला को कुल मिलाकर अर्जुन अश्वगंधा जूस तैयार किया है। यह जूस दिन की अतिरिक्त में एक तरह से मदद कर हो सकता है है।
✔ 1. ओले एकांत में सहायक
अर्जुन की गर्मी विशेषताएँ रक्त में जमे हुए खराब वसा (खराब कोलेस्ट्रॉल) को कम करके धमनियां को साफ चलती हैं। इसके ﻚ एक का हमलावर कम होता है।
✔ 2. हाई बीपी और बीपी दोनों में बैलेंस
यह जूस रक्त का एक उत्तर करता है और दिल अस्त्र-कस्त्र को बाद में संस्थाएँ है , जिससे बीपी स्थिर हो जाता है रहता है।
✔ 3. दिल की धड़कन को नियंत्रण करता है
अर्जुन हृदय की खण्ड को मजबूत बनाकर धड़कन में धड़कन (पैल्पिटेशन) को कम करता है।
✔ 4. तनाव कम करके दिन पर उतर घटाता है
अश्वगंधा तनाव , चिंता और मानसिक दबाव कम करता है , जिससे हृदय पर दबाव कम होता है।
✔ 5. बेहतर नींद , शांत मन और स्थिर एक
तनाव कम होने से शरीर को दे नींद मुलाकातें है , और दिन की व्ही सुधरती है।
✔ 6. हृदय की खण्ड को मज़बूती
अर्जुन हाल दिन की खण्ड को एकजुटता चलो उन्हें मजबूत म है , जो दिन के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
✔ 7. ब्लॉकेज एक के ₹ को कम करे
शुद्ध और नियमित उपयोग धमनियां में प्लाक मैंने होने की प्रक्रिया को धीम कर हो सकता है है।
अर्जुन अश्वगंधा जूस का सेवन कैसे करें ?
प्रातः विश्वविद्यालय 30 मिली जूस
शाम को भोजन से 1 घंटा पहले 30 मिली
बराबर सामग्री में गुनगुने पानी के साथ लें
नियमित सेवन से हृदय स्वास्थ्य में स्पष्ट सुधार देखा जा हो सकता है है।
उत्साह
दिन की बीमारी आज एक गंभीर समस्या है , लेकिन आयुर्वेद एक सदियों पहले नमस्ते ऐसी ► -------------------- का एक किया है जो हृदय को संपूर्ण रूप से सुरक्षित , मजबूत और उत्तर चलती हैं। भारत ग्राम उद्योग संघ का अर्जुन अश्वगंधा जूस इन आयुर्वेदिक सिद्धांत पर बेहतर एक बहु संयंत्र म है , जो इला , बीपी, तनाव और हृदय की कमजोरी जैसा उत्तर में गर्मी सहारा कर हो सकता है है।
अगर आप दिन की बीमारी से देखें चाहते हैं हैं या दिन को मजबूत रखना चाहते हैं हैं , तो यह जूस आपकी दिन उदाहरण में एक बेहतरीन जोड़ प्रमाण हो हो सकता है है।